Saturday, 2 July 2011

माँ / दीनदयाल शर्मा


माँ  
माँ तू आंगन मैं किलकारी,
माँ ममता की तुम फुलवारी।
सब पर छिड़के जान,
माँ तू बहुत महान।।

दुनिया का दरसन करवाया,
कैसे बात करें बतलाया।
दिया गुरु का ज्ञान,
माँ तू बहुत महान।।

मैं तेरी काया का टुकड़ा,
मुझको तेरा भाता मुखड़ा।
दिया है जीवनदान,
माँ तू बहुत महान।।

कैसे तेरा कर्ज चुकाऊं,
मैं तो अपना फर्ज निभाऊं।
तुझ पर मैं कुर्बान,
माँ तू बहुत महान।।
 
-दीनदयाल शर्मा,
बाल साहित्यकार
10/22 आर.एच.बी. कॉलोनी,
हनुमानगढ़ जंक्शन-335512
राजस्थान, भारत
09414514666,
09509542303

Sunday, 26 June 2011

Deendayal Sharma & Dr. Madan Gopal Laddha

 Hindi Rajasthani Children writer Deendayal Sharma 
& Anuwadak, Samikshak, Rajasthani Kavi Dr. Madan Gopal Laddha "Taabar Toli"Niwas par Antrang kshan
Date 27 June 2011

Monday, 20 June 2011

इधर-उधर / दीनदयाल शर्मा

इधर-उधर / दीनदयाल शर्मा

इधर-उधर क्या देख रहो हो।
आओ मिलकर काम करें हम।।

बात-बात पर झगड़ रहे हो।
आओ मिलकर काम करें हम।।

झगड़ा बढिय़ा बात नहीं है।
आओ मिलकर काम करें हम।।

काम से कभी न कतराएँ हम।
आओ मिलकर काम करें हम।।

काम होगा, नाम भी होगा।
आओ मिलकर काम करें हम।।

Sunday, 19 June 2011

बारिश का मौसम / दीनदयाल शर्मा





बारिश का मौसम 

बारिश का मौसम है आया ।
हम बच्चों के मन को भाया ।।

'छु' हो गई गरमी सारी ।
मारें हम मिलकर किलकारी ।।

काग़ज़ की हम नाव चलाएँ ।
छप-छप नाचें और नचाएँ ।।

मज़ा आ गया तगड़ा भारी ।
आँखों में आ गई खुमारी ।।

गरम पकौड़ी मिलकर खाएँ ।
चना चबीना खूब चबाएँ ।।

गरम चाय की चुस्की प्यारी ।
मिट गई मन की ख़ुश्की सारी ।।

बारिश का हम लुत्फ़ उठाएँ ।
सब मिलकर बच्चे बन जाएँ ।।




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