Monday, 28 March 2011

अकड़ / दीनदयाल शर्मा

अकड़
अकड़-अकड़ कर
क्यों चलते हो
चूहे चिंटूराम,
ग़र बिल्ली ने
देख लिया तो
करेगी काम तमाम,

चूहा मुक्का तान कर बोला
नहीं डरूंगा दादी
मेरी भी अब हो गई है
इक बिल्ली से शादी।

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर और रोचक बाल गीत..

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  2. सुन्दर प्रस्तुति .

    कल था सृजन का जन्म दिन . बाल मंदिर में पढ़िए जन्म दिन आपको मुबारक हो

    http://baal-mandir.blogspot.com/

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